24 मार्च 2008 को भूटान ने नेशनल असेंबली के लिए अपना पहला चुनाव कराया। रॉयटर्स के वीडियो में मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतार दर्ज है, जबकि चुनाव आयोग ने बाद में 79.38 प्रतिशत मतदान की सूचना दी।

इस कतार की खास बात यह थी कि यह लोकतंत्रीकरण के जरिए किसी राजा को हटाने के लिए नहीं बनी थी। यह स्वयं राजशाही द्वारा आगे बढ़ाए गए संवैधानिक राजतंत्र की ओर परिवर्तन में जनता की भागीदारी थी। वोट देने की प्रतीक्षा एक नई शासन व्यवस्था को व्यवहार में समझने का अवसर भी बनी।