7 जुलाई 2012 को लीबिया में लगभग साठ वर्षों बाद पहला स्वतंत्र राष्ट्रीय चुनाव हुआ। त्रिपोली के एक मतदान केंद्र पर महिलाएँ कतार में खड़ी थीं। रॉयटर्स की तस्वीरों में मतदाता गद्दाफी युग के बाद राष्ट्रीय सभा चुनने के लिए प्रतीक्षा करते दिखाई देते हैं—कुछ की आँखों में खुशी के आँसू थे।

इस कतार की खास बात यह थी कि यह सरकारों के बीच होने वाला कोई सामान्य चुनाव नहीं था। लंबे तानाशाही शासन के बाद लोग राष्ट्रीय चुनावों की वापसी का इंतज़ार कर रहे थे। हिंसा का खतरा अब भी बना हुआ था, इसलिए यह कतार नई व्यवस्था को लेकर उम्मीद और अनिश्चितता—दोनों को समेटे हुए थी।