17 अगस्त 1993 को सारायेवो की घेराबंदी के दौरान निवासी पानी के लिए कतार में खड़े थे। सामान्य जलापूर्ति बंद होने पर लोगों को बर्तन लेकर साझा जलस्रोतों तक जाना पड़ता था, जबकि सड़कें स्नाइपर की गोलीबारी की चपेट में थीं। तस्वीरों में नागरिक पानी का इंतजार करते और उसे ढोते हुए दिखाई देते हैं, साथ ही वे खुले में रहने का समय कम करने की कोशिश कर रहे थे।

इस कतार में व्यवस्था भी सुरक्षा की गारंटी नहीं थी। जलस्रोत के पास जितनी देर रुकते, खतरा उतना बढ़ता; लेकिन भीड़ के एक साथ टूट पड़ने पर वितरण असंभव हो जाता। एक-एक करके पानी लेने की जरूरत और जितनी जल्दी हो सके आड़ में लौटने की जरूरत आपस में टकराती थीं।