30 अगस्त 1999 को पूर्वी तिमोर के दिली में पंजीकरण दस्तावेज़ लिए मतदाता सुबह 6 बजे से कतार में थे। इंडोनेशिया-समर्थक मिलिशिया की हिंसा और धमकी मतदान से कुछ दिन पहले तक जारी रही, फिर भी राजधानी भर में हजारों लोग गर्मी में पंक्तिबद्ध हुए। विला वेर्दे मतदान केंद्र पर कतार ने सड़क रोक दी और यातायात ठप हो गया।
जनमत-संग्रह में पूछा गया कि पूर्वी तिमोर इंडोनेशिया के भीतर स्वायत्तता स्वीकार करे या स्वतंत्रता की ओर बढ़े। बाद के अभिलेख बताते हैं कि 451,792 पंजीकृत मतदाताओं में से 98.6% ने भाग लिया।
कतार इसलिए नहीं बनी कि खतरा मिट गया था। वह खतरे के रहते बनी—लोग अपने भविष्य का निर्णय दूसरों को लौटाने के बजाय क्रम से उसी मतपेटी की ओर बढ़े।
